जानिए ! एलो वेरा का इतिहास (Aloe Vera The Miracle Plant)

Aloe Vera

Aloe Vera क़ी जब भी बात होती है। तो सभी के मन में ये खियाल आता है। ओह… Aloe Vera जिसे स्किन पर लगाया जाता है। लेकिन, कुछ साल पहले एलो वेरा कहीं छिपा सा हुआ था। परन्तु, एक दम से एलो वेरा का नाम इसके फायदे देने वाले गुणों की वजह से लोगो सामने दुबारा आ गया।

अब तो बच्चे-बच्चे की जुबान पर एलो वेरा का नाम आ चूका है। फिर भी लोगो को एलो वेरा की पूरी जानकारी नहीं है। यहाँ आपको एलो वेरा के बारे में प्राचीन काल से बताता हूँ।

Easy To Reach

प्राचीन काल एलो वेरा का इतिहास – History of Aloe Vera from Ancient Time

एलो वेरा को कई नामो से जाना जाता है. मिरिकाल प्लांट, गुआरपाठा, कुआरगन्दल, धृतकुमारी, और एलोवेरा को इंग्लिश में एलो वेरा ही कहते है परन्तु, यह लिखने में अलो वेरा लिखा जाता है. एलोवेरा का वनस्पतिक नाम धृतकुमारी है.

जितना पुराना इंसान है उससे भी ज्यादा एलो का इतिहास है. लगभग 3500 हजार सालो पहले “Healing Aloe Vera” के बारे में कई कथाये सुनी आ रही है. और यह शायद एकमात्र ऐसा पौधा है। जिसके बारे में सदियों से बात की जा रही है।

1. बाइबल लेख

Aloe Vera

बाइबल लेख में बताया गया है। कि क्राइस्ट को क्रॉस से उतारने के बाद उनके घायों को जल्दी ठीक करने के लिए Aloe Vera का लैप लगाया गया था।

2. Alexander एलो वेरा के लिए लड़ा

Aloe Vera

एलो वेरा के इतिहास में “Alexander The Great” ने युद्ध में घायल हुए सैनिको के इलाज के लिये “Island Of Socotra” जिस पर एलो वेर पौधे की भरमार थी। उसके लिए युद्ध लड़ा। क्योकि वह इस बात से परिचित हो चुके थे की एलो वेर एक Silent Healer है। जो जख्म को जल्दी भर देता है। और इसमें शरीर को ताकत देने वाले गुण पाए जाते है।

3. विश्व की सुंदरी ” कियो पेट्रा “

Aloe Vera
एलो वेरा (Aloe Vera The Miracle Plant)

विश्व की सुंदरी ” कियो पेट्रा ” ने भी एलो वेर का इस्तेमाल किया है। ” कियो पेट्रा ” एलो वेरा को सिर्फ स्किन पर लगाती ही नहीं। बल्कि, इसे खाती और इससे नहाती भी थी। इसीलिए  उन्हें विश्व की सुंदरी कहा जाता था।

एलो वेरा में कुछ ऐसे गुण होते है। जो हमारी स्किन को हमेशा के लिए Healthy और जवान रखता है। अगर एलो वेरा को लंम्बे टाइम तक इस्तेमाल किये जाये तो।

4. मिस्र इतिहास में एलो वेरा – Aloe Vera in Missra History

Aloe Vera

 आपने अक्सर सुना होगा या देखा भी होगा NEWS में। Breaking न्यूज़ एक प्राचीन Mummy पी गई है। और इसे देखकर ऐसा लगता है कि ये Mummy अभी बोल पड़ेगी। और उनकी Skin पूरी तरह ख़राब भी नहीं होती है। उन सभी कारणों की वजह Aloe Vera भी होती है।

प्राचीन मिस्र काल में मृत शरीर पर White पट्टी लिपटने से पहले एक लेप पूरे शरीर पर एलो वेरा की भी लगाई जाती थी। जैसा कि आप जानते ही है। कि एलो वेरा में कुछ ऐसे गुण होते है। जिसके कारण आपकी Skin Healthy रहती है। इसी प्रकार एलो वेरा ने Mummies की Skin को Healthy भी रखा।

5. महात्मा गाँधी जी के बोल

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इसके आलावा, महात्मा गाँधी जी जब साउथ अफ्रीका में अनशन  के दौरान। वे एलो वेरा का सेवन करते थे। इसीलिए वे इतने लम्बे टाइम तक भूके रह पाते थे। उस समय एलो वेरा पीने के बाद उसके शरीर को ऊर्जा मिलती रहती थी।

एलो वेरा कितने तरह के होते है?Various type of Aloe Vera

एलो वेरा एक मात्रा ऐसा पौधा है। जिस पर काफी ज्यादा रिसर्च हो चुकी है ।और अभी तक  हो रही है। एलो वेरा पर 2600 से ज्यादा Universities रिसर्च कर चुकी है। और इससे ये पता लगा। कि एलो वेरा की कितनी सारी प्रजातियां होती है। और उनमे से किस-किस में कितने-कितने गुण होते है। एलो वेरा को हिंदी में घृत कुमारी कहते है।

एलोवेरा की 400 से भी ज्यादा प्रजातियाँ होती है। जिसमे 385 में सिर्फ 0-15% Aloe Vera medicine properties होती है। और 11 एलो वेरा की प्रजातियां इसी नहीं होती है। जिसमे जहर हो सकता है। जो आपको नुक्सान भी पहुंचा सकता है।

और 4-5 एलो वेरा की प्रजाति ऐसी होती है जो खाने के लिए फायदेमंद होती है। एलो वेरा की 400 में से एक नंबर वन एलो वेरा की प्रजाति है। जिसका नाम है “Aloe Barbadensis Miller” ये प्रजाति साउथ अफ्रीका में पाई गई थी।

“Aloe Barbadensis Miller ” की पूरी जानकारी

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मैं आपको Aloe Barbadensis Miller के बार में पूरी जानकारी दूंगा। इसका इतना बड़ा नाम Aloe Barbadensis Miller. इसीलिए पड़ा। क्योकि Aloe का मतबल Aloe Vera और यह साउथ अफ्रीका के एक टापू Barbados यह पर पाया गया था।

और इसे ढूंढ़ने वाले साइंटिस्ट का नाम John Miller था। Aloe Barbadensis Miller की बात करे। तो इसमें हेल्थ के गुण में काफी ज्यादा मोजूद होते है।

एलो वेरा अपना भरण-पोषण कैसे करता है?

वेसे अगर किसी भी एलो वेरा की बात करे। तो एलो वेरा का दुश्मन बर्फ होता है। जो की एलो वेरा को बर्बाद कर देता है। इसीलिए एलो वेरा बर्फीले वातावरण में नहीं टिकता।

सभी एलो वेरा अपना 20% भोजन मिटटी में मोजूद मिनरल्स मेंसे और 80% भोजन हवा मेंसे लेता है। इसीलिए एलो वेरा को साफ़ और गर्म वातावरण में उगाया जाता है।

एलो वेरा एक ऐसा पोधा होता है। जो अपना 80% भोजन हवा से प्राप्त करने के कारण अपने आस-पास मोजूद वातावरण को अपने अंदर सोख लेता है। इसीलिए अगर आप घर पर लगे एलो वेरा का इस्तेमाल करना चाहते है।

बच के रहे ऐसे एलो वेरा से !

आपको Aloe Vera Pollution से रहित वातावरण में उगाना पड़ेगा। तभी आप एलो वेरा का इस्तेमाल कर पाएंगे। जो की हर किसी के लिए Possible नहीं है। इसीलिए काफी Companies Aloe Vera Juice, एलो वेरा जेल, Aloe Vera Drink, Aloe Vera Juice Of whole leaf आदि। Market बिक रहे है।

जिनमें ज्यादातर प्रोडक्ट्स के पीछे Extract from Aloe Barbadensis लिखा होता है। और इसका नाम लेकर काफी कम्पनीज धोखा भी कर रही। क्यूंकि उसमे कोई Aloe Barbadensis Miller की पत्ती का इस्तेमाल नहीं करते। क्यूंकि उसे काफी मेहनत लगाती है। जिसके लिए लम्बे टाइम का भी इन्तजार करना होता है। आपको यह भी पता चलेगा।

कि सही Aloe Vera gel for hair, Aloe Vera Juice  या किसी भी Aloe Vera Cream को कैसे पहचाने।अगर   Aloe Barbadensis Miller को इसके अनुकूल वातावरण में उगाया जाये। तो Aloe Vera Palnt को अच्छी तरह से Mature होने में 3 से 4 साल का टाइम लगता है। ये अपने पूरे जीवन काल में 50 पत्ते देता है। 3 से 4 साल के टाइम के बाद ही इसमें वो सभी Vitamins, Minerals, Anthraquinones, Amino Acid, Enzymes आ पते है।

एलो वेरा में मोजूद गुणProperties available in Aloe Barbadensis Miller

Vitamins:- 

Vitamin A, Vitamin B1, B2, B3, B5, B6 and B12, Vitamin C, Vitamin E, Vitamin M, Niancimanide, Choline।

Minerals:-

Phosphorus, Calcium, Potassium, Iron, Sodium, Chlorine, Magnesium, Manganese, Copper, Chromium, Zinc।

Anthraquinones:-

Anthranol, Anthracene, Aloetic Acid, Aloe Amodine, Cinnamic acid, Ester of cinnamic acid, Estereol oil, Chrisophanic acid, Aloe Ulcine, Resistnol, Aloin, Barbaloin, Isobarbaloin।

Enzymes:-

Phosphatase, Bradykinase, Catalase, Cellulase, Creatine phosphokinase, Lipase, Nucleotidase, Alcaline Phosphate, Protease।

मैं आपको फिर दुबारा से बताना चाहूँगा की ये सब गुण 3 से 4 साल में ही आते है। और इसे बिना Pollution वाले वातावरण में ही उगाना चाहिए। ये सभी गुण किसी और एलो वर में नहीं आते। ये जरुर याद रखना।

एलो वेरा के फायदे – Aloe Vera benefits and uses in Hindi

  • घायो को ठीक करने में काफी मद्द करता है।
  • इलाज के बाद के अगर एलो वेरा इस्तेमाल किया जाये। तो यह रिकवरी के टाइम को कम कर देता है।
  • एलो वेरा का उपयोग जलन को ठीक करने के लिए किया जाता है।
  • फफोले और घावों पर एलो वेरा का इस्तेमाल किया जाता है।
  • कीड़े के काटने, चकत्ते, फंगस, संक्रमण को ठीक करने में सहायक है।
  • एलो वेरा लगाने से झुर्रियां कम होती है।
  • एलो वेरा मुँहासे और धूप की कालिमा को कम करने में मदद करता है।
  • सोरायसिस, रोजेशिया, मौसा और एक्जीमा में एलो वेरा का इस्तेमाल किया जाता है।
  • एलो वेरा को सूजन को कम करने के लिए भी इस्तेमाल भी किया जाता है।
  • एलो वेरा Body Cells को Regenerate करता है। और मरी हुई  Cells को शरीर से बाहर निकालता है।
  • एलोवेरा का चेहरे पर उपयोग(benefits of Aloe Vera on face) से आपकी skin को Re-hydrate, Toning, elastic प्रदान करता है।
  • आपके  पाचन तंत्र को मजबूत करता है एलो वेरा।
  • जड़ीबुतियों का महाराजा एलो वेरा को (The King Of Herbs) कहा जाता है।
  • अलो वेरा आपको जवान होने में मद्द करता है।
  • एलो वेरा अपके शरीर में फालतू चीजो को रुकने नहीं देता।
  • Energy Level को बढानें में मद्द करता है।
  • एलो वेरा आपके Blood को भी साफ़ करता है।
  • अगर आप High Quality का Shampoo का इस्तेमाल करे तो। आपको हमेशा Transparent Shampoo का ही इस्तेमाल करना चाहिए। क्यूंकि Transparent Shampoo में Chemicals की मात्रा कम है। और किसी में Chemicals होते ही नहीं है। परन्तु वह Transparent Shampoo महंगे आते है। जो आपके बालो के लिए हमेशा फादेमंद साबित होते है।
  • एलो वेरा आपकी बॉडी से Toxins को बाहर निकालता है।
  • एलो वेरा आपकी मुंह और दांतों के लिए फादेमंद होता है। आदि।

सही एलो वेरा प्रोडक्ट्स की पहचान कैसे करें? – How to identify the right Aloe Vera products?

1. प्रमाणित उत्पाद (Certified Products):-

जब भी आप products ख़रीदे। चाहे वो किसी भी Company का हो। उस पर आपको चेक करना चाहिए। कि वो प्रमाठित है भी या नहीं। जैसे की Fssai की सील को चेक कर सकते है। जोकि खाने वाले products को दे जाती है।

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2. IASC Certified:-

अगर आप सही में एलो वेरा हाई क्वालिटी products खरीदना चाहते है या खरीद रहे है। तो आपको  IASC की सील products पर देखनी चाहिए। IASC का पूरा नाम International Aloe Science Council है। यह एक 87 देशो के Scientist की संस्था की एक सील है। जो यह प्रमाणित करती है। की यह एलो वेरा product सही में काम करता है।

Aloe Vera

International Aloe Science Council के अनुसार अगर आप कोई क्रीम खरीद रहे है। तो उसमे एलो की मात्रा कम से कम 40% होनी चाहिए। और अगर आप कोई Aloe Vera Drink, Aloe Vera Juice खरीद रहे है। तो उसमे एलो की मात्रा कम से कम 70% होनी चाहिए। तभी वो सही प्रकार से आपके शरीर पर काम करेगा। वर्ना सही काम नहीं करेगा। जेसी आप उम्मीद रखते है।

3.पूरी पत्ती का जूस या सिर्फ आन्तरिक एलो जेल – Whole Leaf or Only Aloe Inner Gel

Market में आपको इसी काफी Companies देखने को मिल जाएगी। जो एलो वेरा जूस बनाने के लिए पूरी पत्ती का इस्तेमाल करते है। परन्तु, पूरी पत्ती का इस्तेमाल करने के बाद उसमे से हानिकारक घटक को निकलने के लिए। वे फिर उसे छानते है जिसके कारण उसमे से काफी मात्रा में फायदे देने वाली पदार्थ भी निकल जाते है।

और यह Aloe Vera Juice पूरा Green दिखाई देता है। इसीलिए आपको सिर्फ आन्तरिक जेल से बने जूस का की इस्तेमाल करना चाहिए। और हमेशा stabilized एलो वेरा जेल का ही इस्तेमाल करें।

एलो वेरा  के नुकसान – Aloe Vera side effects in Hindi

जैसा की आप जान चुके हो। कि अगर एलो वेरा सही नहीं होगा या एलो वेरा की सही प्रजाति का नहीं होगा। तो AloeVera side effects भी हो सकते है। और अगर आप ऐसे वातावरण में रहते है जहाँ वातावरण साफ़ नहीं है। और Pollution ही Pollution है।तो वहां के घर पर लगे एलो वेरा को आप न खाए। आप इसे अपनी Skin पर लगा सकते है।

परन्तु, आपको कोई खुजली, स्किन का लाल होना महसूस हो। तो इसका तुरंत इस्तेमाल करना बंद कर दे। या फिर आप किसी अच्छे-से Brand या Company के products पर भरोसा कर सकते हो। एलो वेरा के नुकसान निम्नलिखित है।

  • घर में आगे लगे एलोवेरा को नहीं खाना चाहिए। क्यूंकि आपको नहीं पता की वह की प्रजाति का एलो वेरा है। जिसके कारण आपको हेल्थ इश्यूज आ सकते है।
  • एलो वेरा में एक लेटेक्स नाम का तरल पदार्थ होता है। जो काफी कम्पनीज इसे फ़िल्टर नहीं करती। इसके कारण आपको पेट की समस्या हो सकती है।
  • गर्भवती महिला को एलो डॉक्टर की सलाह से पीना चहिये।
  • अगर आपको किसी भी प्रकार का हेल्थ प्रॉब्लम है। तो एक बार आप डॉक्टर से कंसल्ट करके ही एलो वेरा का सेवन करें। आदि।

तो यह थी. कुछ Aloe Barbadensis Miller Plant के बारे में जानकारी. जिसमे आपने एलो वेरा के इतिहास के बारे में जाना और एलो वेरा की प्रजाती, फ़ायदे, नुकसान और सही पहचान के बारे में भी जाना.

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